Electric Vehicle Subsidy Yojana 2024: इलेक्ट्रिक वाहनों पर सरकारी भारी सब्सिडी: इस योजना का लाभ उठाएं

Electric Vehicle Subsidy Yojana

केंद्र सरकार ने ई-व्हीकल को प्रोत्साहित करने के लिए एक Electric Vehicle Subsidy Yojana 2024 शुरू की है। मिनिस्ट्री ऑफ हेवी डयूटी ने इलेक्ट्रिक व्हीकल सब्सिडी का एक नया कार्यक्रम शुरू किया है। योजना का लक्ष्य देश भर में इलेक्ट्रॉनिक व्हीकल्स को प्रोत्साहित करना है। आपको बता दें कि इस योजना का उद्देश्य देश में तेल की कीमतें बढ़ाने और वैश्विक जलवायु परिवर्तन से बचने दोनों है।

E-Vehicle Subsidy Yojana ई-व्हीकल सब्सिडी योजना क्या है

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि Electric Vehicle Subsidy Yojana ई-व्हीकल सब्सिडी योजना अभी तक चार महीने (अप्रैल से जुलाई) के लिए लागू है। इस योजना को हेवी उद्योग मंत्री श्री महेंद्र नाथ पांडे ने शुरू किया है। योजना का पहला चरण पूरा हो गया है, और 31 मार्च 2024 को दूसरा चरण—इलेक्ट्रिक वाहनों का उत्पादन और अपनाना—समाप्त हो जाएगा। उद्योग मंत्री श्री महेंद्र नाथ पांडे ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी भी इस योजना का समर्थन कर रहे हैं।

Government Subsidy Vehicle Scheme


Electric Vehicle Subsidy Yojana ई-वाहन सब्सिडी योजना के तहत प्रत्येक दोपहिया वाहन की खरीद पर 10,000 रुपये की सब्सिडी दी जाएगी। इसके साथ ही सरकार को लगभग ३ लाख ३० हजार दोपहिया इलेक्ट्रॉनिक्स वाहनों पर सब्सिडी देनी होगी। ई-रिक्शा या ई-कार्ट खरीदने पर 25,000 रुपये की सब्सिडी भी मिलती है। इस योजना का फायदा दोपहिया वाहन खरीदने वालों को भी मिलेगा। इस योजना का लक्ष्य लगभग 45 हजार छोटे ति-पहिया वाहनों पर सब्सिडी देना है।

सरकार आपको 50,000 रुपये की छूट देगी अगर आप बड़े ति-पहिया वाहन खरीदते हैं।Electric Vehicle Subsidy Yojana योजना का कार्यान्वयन अभी चार महीने का है। सरकार बाद में इसकी सफलता पर नए कार्यक्रम बना सकती है। इसलिए आप इस सब्सिडी योजना का लाभ लेने के लिए तुरंत आवेदन कर सकते हैं। सरकार ने इस योजना के लिए लगभग 11,500 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।

E-Vehicle Sales

सरकारी सूचनाओं के अनुसार, पहले फेम में लगभग 2,70,000 EV की बिक्री हुई है, जिस पर लगभग 343 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है। वहीं, फेम 2 में 10,000 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया था, जो बाद में 11,500 करोड़ रुपये कर दिया गया। 31 मार्च 2024 को यह अनुदान समाप्त हो जाएगा। फेम 2 तीन साल के लिए लागू है। फेम 2 में EV व्हीकल्स की बिक्री दर लगभग 45% बढ़ी है। 2023 में लगभग 15 लाख ई-व्हीकल पंजीकृत हुए हैं।

दूसरे फेम में पूंजीगत निवेश के लिए 4,008 करोड़ रुपये, दोपहिया वाहनों के लिए 7,048 करोड़ रुपये और अन्य क्षेत्रों के लिए 400 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए।

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FAQs: संबंधित सवाल

भारत सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों को देश भर में लागू करने की क्या योजनाएं बनाई हैं?
भारत सरकार ने Electric Vehicle Subsidy Yojana ई-वाहन सब्सिडी योजना की शुरुआत की, जिसका उद्देश्य देश भर में इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद करना था। इस योजना में दोपहिया वाहनों को 10,000 रुपये की सहायता दी जाती है, छोटे ति-पहिया वाहनों को 25,000 रुपये की सहायता दी जाती है, और बड़े ति-पहिया वाहनों को 50,000 रुपये की सहायता दी जाती है।

इलेक्ट्रिक वाहनों पर कितनी सरकारी सहायता दी जाती है?
सरकार ई-व्हीकल सब्सिडी योजना के माध्यम से 10 हजार रुपये से 50 हजार रुपये तक की सब्सिडी देती है।

IIT रुड़की और MOU:

उद्योग मंत्री श्री महेंद्र नाथ पाण्डे, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर धामी, मिनिस्ट्री ऑफ हेवी इन्डस्ट्री और राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में MOU (Memorandum of Understanding) साइन किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य औटोमोटिव व इलेक्ट्रॉनिक्स वाहन क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देना है।

आपको बता दें कि राज्यों ने अभी तक इलेक्ट्रॉनिक्स बसों और कारों को सब्सिडी देने की घोषणा नहीं की है और ना ही किसी राज्य ने अपनी ई-व्हीकल नीति में इसके बारे में कोई स्पष्ट विवरण प्रस्तुत किया है।

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